श्री ब्राह्मणी माता मंदिर–बालराई

स्थान:

नाग्लातौर या नगलातौर उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के जसवंतनगर ब्लॉक का एक गाँव है। यह कानपुर मंडल के अंतर्गत आता है। यह इटावा से 28 कि.मी, जसवंतनगर से 10 कि.मी और लखनऊ से 248 कि.मी दूरी पर स्थित है। नगला रामसुंदर, तिजोरा, नसीरपुर, डोडुआ गोपालपुर, बालराई पास के गाँव हैं और सिरसागंज, इटावा, शिकोहाबाद, भरथना नाग्लातौर के पास के शहर हैं। नाग्लातौर का पिन कोड 206245 है और डाक प्रधान कार्यालय जसवंत नगर है।

बरमानी माता का सिद्धपीठ:

इटावा शहर के 18 कि.मी. की दूरी पर बालराई के घने जंगल मे यमुना नदी के समीप 555 साल पुराना एक मन्दिर बना हुआ हैं। इटावा, फ़िरोज़ाबाद, आगरा, भिंड, ग्वालियर, मैनपुरी, औरैया जिले और अन्य आस-पास के क्षेत्रों में, यह सिद्धपीठ माँ ब्राह्मणी मंदिर, बरमानी माता के नाम से प्रख्यात, आस्था का बड़ा केंद्र हैं। यमुना नदी के पार्श्व में जसवंतनगर के बीहड़ों के बीच स्थित यह मंदिर आदिकालीन शक्ति पूजा का स्मरण कराता है। मंदिर की स्थापना के संबंध में विभिन्न मत हैं।

प्रचलित कहानी के अनुसार महाराजा भदावर को सपने में माता ब्रह्माणी ने आ कर कहा कि “ मैं यमुना नदी के समीप भूमी में समाहित हूँ, मेरी स्थापना करो”। अगले दिन महाराजा भदावर ने यमुना नदी के समीप वाली भूमी से माता ब्रह्माणी की मूर्ति निकाली। अन्य किद्वंतियों के मुताबिक महाराजा भदावर माता ब्रह्माणी को म्यांमार (बर्मा) देश से एक शर्त पर लेकर आये थे दोनो किद्वंतियों में शर्त यह थी कि “जिस जगह तुमने पीछे मुड़कर देखा में वही रुक जाऊंगी”, इसी जगह पर आकर राजा को एक आवाज सुनाई दी तो राजा ने पीछे मुड़कर देखा तो माता की मूर्ती ने विशाल रूप धारण कर लिया और शर्त के अनुसार मंदिर का निर्माण सन् 1500 के आस पास महाराजा भदावर ने करवाया। आज भी भदावर का शाही परिवार माता ब्रह्माणी को कुलदेवी के रूप में पूजता हैं।

माँ ब्राह्मणी मंदिर गर्भगृह:

ऐसी मान्यता हैं कि मंदिर के गर्भगृह का निर्माण बीसा यंत्र के साथ स्वयं आदि-शिल्पी विश्वकर्माजी ने 12 द्वार तथा नौ ग्रहों की स्थापना के साथ निर्मित किया था। मंदिर क्षेत्र के आस-पास नौ कुएँ भी स्थापित हैं।

हिंदी कैलेंडर के अनुसार वर्ष में 3 बार चैत्र, आषाढ़, तथा अश्विन (क्वार) के महीनों में मेले का आयोजन होता हैं। चैत्र की नवरात्री में अधिक सबसे भीड़ होती हैं। सामान्यतः मेले में श्रद्धालुओं की लाखों की संख्या में भीड़ तथा 100 से अधिक दुकाने लगती हैं। माता ब्रह्माणी देवी पर हजार से ऊपर झंडा चढ़ाए जाते हैं। भक्त गण जवारों और झंडो (नेजा) को उठा कर पैदल कोसो मील चल कर, कुछ श्रद्धालु भूमि पर दंडवत करते हुए माँ के भवन तक जाते हैं। यहाँ आकर श्रद्धालु सुकून का अहसास करते है तथा माता से अपनी मन्नत पाकर घर वापस लौटते हैं। वर्तमान समय में यहाँ शिवजी और हनुमानजी का भी मंदिर हैं।

दर्शन का समय:

सुबह -4 बजे से -11.45 रात तक

पता:

श्री ब्राह्माणी माता मंदिर,
नाग्लातौर, जसवंतनगर,
बालराई, उत्तर प्रदेश-206245

  • नाग्लातौर कैसे पहुंचे:
  • हवा मार्ग:
      • पंड़ित दीनदयाल उपाध्याय एअरपोर्ट आगरा (खेरिया एयरपोर्ट)
      • चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: लखनऊ
  • रेल मार्ग:
      • बालराई रेल्वे स्टेशन,
      • जसवंतनगर रेल्वे स्टेशन,
  • सड़क-मार्ग:

लखनऊ – ब्राह्मणी देवी मंदिर, नाग्लातौर:
आगरा- लखनऊ ऐक्सप्रेस; बालराई-जसवंतनगर रोड़-ब्रह्माणी देवी रोड़:3 घंटे 32 मिनट (244 कि.मी)

पंड़ित दीनदयाल उपाध्याय एअरपोर्ट आगरा-ब्राह्मणी देवी मंदिर, नाग्लातौर:
आगरा- लखनऊ ऐक्सप्रेस; बालराई-जसवंतनगर रोड़-ब्रह्माणी देवी रोड़:1 घंटा 56 मिनट (100.2 कि.मी)

 नाग्लातौर, जसवंतनगर में बस स्टेशन

      • जसवंतनगर बस स्टेशन
        गुलाब बाडी; जसवंतनगर- 206245: 11.9 कि.मी.

संदर्भ:

      • Photos: मोहन सिंह राजपूत, प्रिया ठाकुर
      • dailyhunt.in/news
      • Bhakti Bhart News
      • News times India
      • www.onefivenine.com

अनुरोध:

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Temple Location

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